बाढ़ की स्थिति हुई भयावह


महेंद्र प्रसाद, सहरसा
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार बर्षा होने से पानी में लगातार बृद्धि हो रहे है। लगातार बाढ़ की पानी के बढ़ने से  बढ़ने  उत्तर बिहार के कई जिले में बाढ़ की भयाबह स्थिति बन गयी है। नेपाल बोर्डर के समीप कुनोलि में बाढ़ पीडितो ने राहत की मांग को लेकर कुनोलि- निर्मली पथ घंटो जाम कर दिया। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर ने सुपौल के बाढ़ प्रभावित इलाका का दौरा किया।सुपौल जिले में लगभग 20 हज़ार लोग बाढ़ से प्रभावित है तो तकरीवन 5 हज़ार लोग बाढ़ से विस्थापित  है। तीन बाढ़ रहत कैंप में 1500 लोग शरण लिए है।

सुपौल के सरायगढ़ के बाढ़ इलाके में निरिक्षण करने गए अधिकारी बाढ़ में फस गए। फिर एनडीआरएफ की टीम के रवाना होने के बाद सकुसल वापस लौटे। उनके साथ ही नदी के मंझधार में कुल 35 लोग फंस गए थे, जिनमें एसडीओ, बीडीओ व सरायगढ़ के सीओ शामिल थे। 

ट्रेन का परिचालन हुआ, लोगो ने ली राहत की साँस- पूर्व मसि रेलवे के सहरसा मानसी रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन मंगलवार से प्रारम्भ हुआ। हलाकि सुबह में कोसी, जानकी एवं कुछ पैसेंजर ट्रेन को ही चलाया गया। फेनगो में अभी भी स्थिति चिंताजनक बनी है। कभी भी ट्रेन का परिचालन रुक सकता है। तटबंध के अंदर सेकड़ो घरो में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। 

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