पटना. राज्य में वर्ष 2021 तक निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों के कर्ज के ब्याज पर राज्य सरकार सब्सिडी देगी। ऐसी इकाइयों के बैंक कर्ज के सालाना ब्याज का 10% तक सरकार प्रतिपूर्ति करेगी। नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 समेत कुल 18 एजेंडो को मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इसमें निवेशकों के लिए कैपिटल की बजाय ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
जानिए कौन से हैं प्राथमिकता वाले उद्योग...
निवेशकों को पांच साल तक वैट समेत राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले सभी टैक्स की प्रतिपूर्ति की जाएगी। औद्योगिक इकाइयों की दो श्रेणियां-प्राथमिकता व गैर प्राथमिकता होगी। निवेशकों को सिंगल विंडो की सुविधा मिलेगी।
प्राथमिकता वाले उद्योग
खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, छोटे मशीन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, आईटी, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, रबर, अक्षय ऊर्जा, हेल्थ केयर, चमड़ा और इंजीनियरिंग कॉलेज को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। अन्य उद्योग गैर प्राथमिकता वाली सूची में रखे गए हैं।
इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 25 एकड़ जमीन
इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 25 एकड़ जमीन और आईटी पार्क के लिए 3 एकड़ जमीन जरूरी। इंडस्ट्रियल पार्क और आईटी पार्क लगाने वालों की ब्याज छूट की सीमा 50 करोड़ होगी। फूड पार्क व टेक्सटाइल पार्क लगाने पर ब्याज सब्सिडी की सीमा परियोजना लागत की 35 प्रतिशत होगी।
स्टांप ड्यूटी की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति
प्राथमिकता वाले क्षेत्र में निवेश पर स्टांप ड्यूटी व जमीन के कन्वर्जन की पूरी प्रतिपूर्ति होगी। वहीं बैंक कर्ज के सालाना ब्याज की 10% प्रतिपूर्ति होगी। यह परियोजना लागत की 30% या अधिकतम 10 करोड़ होगी। निवेशकों के लिए बिहार में उत्पादित 15% सामान की खरीद अनिवार्य होगी।
महिला, थर्ड जेंडर, एससी व एसटी को अतिरिक्त छूट
महिला, एससी-एसटी, विधवा, एसिड अटैक पीड़ित और थर्ड जेंडर के निवेश करने पर 10% ब्याज का अतिरिक्त 15% छूट होगी।
इधर, भागलपुर को स्मार्ट बनाने पर खर्च होंगे 1309 करोड़ रु.
भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने पर 1309 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए स्पेशल पर्पज ह्वेकिल (एसपीवी) कंपनी के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसका नाम भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी होगा। कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अभी 1309 करोड़ में से 463 करोड़ और 2.5 करोड़ रुपए राज्यांश को खर्च करने के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी। एसपीवी चीफ ऑपरेटिंग अफसर की देख-रेख में काम करेगा। सीओओ सीधे केंद्र को रिपोर्ट करेगा। एसपीवी में मेयर उपाध्यक्ष होंगे।
बाढ़पीड़ितों के लिए 754 करोड़ रुपये हुए मंजूर
राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए पुन: 754 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। कैबिनेट सचिव मेहरोत्रा ने बताया कि इस साल जुलाई से अब तक राज्य के विभिन्न नदियों में बाढ़ के कारण 15 जिलों में लगभग 1429500 परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है। 6.08 लाख हेक्टेयर में फसल बरबाद हाे गया है। 16400 मकान ध्वस्त हो गये। ऐसे पीड़ित परिवारों को प्रति परिवार तीन हजार रुपये की नगद अनुदान देने के लिए कुल 250 करोड़, तीन हजार रुपये की दर से प्रति परिवार खाद्यान्न मद में भुगतान के लिए कुल तीन सौ करोड़, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती के लिए चार करोड़ रुपये, फसल इनपुट अनुदान मद में भुगतान के लिए दो सौ करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता होगी। इन मदों में भुगतान के लिए मंत्रिपरिषद ने 754 करोड़ रुपये मंजूर किया है।
एक सौ की आबादी वाले मुहल्ले भी जुड़ेंगे बारहमासी सड़क से
राज्य सरकार अब एक सौ या उससे अधिक की आबादी वाले मुहल्लों को भी बारहमासी सड़क से जोड़ने का निर्णय लिया है।मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गयी। कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि राज्य में ऐसे बसावटों की संख्या 33461 है। इसकी कुल लंबाई 12500 कि लोमीटर होगा। इसे कम से कम एक तरफ से मुख्य सड़क से जोड़ा जायेगा। इसके लिए सरकार लगभग 2222 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी। मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत इसे बारहमासी सड़क से जोड़ने के लिए सरकार जल्द ही डीपीआर तैयार करायेगी।
राज्य कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
- बिहार प्रशसनिक सुधार मिशन को वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 35.52 करोड़ रुपये अनुदान के लिए मंजूर
- राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत बरौनी व मुजफ्फरपुर ताप बिजली घर के जीर्णोद्धार को 1053 करोड़ स्वीकृत, एनटीपीसी को कंसलटैंसी फी के लिए 3 करोड़ स्वीकृत
- खगड़िया के गोगरी में स्वीकृत ग्रिड सब स्टेशन के लिए 668.72 करोड़ रुपये से अब पटना जिले के पालीगंज में स्थापित करने का निर्णय, गोगरी में अन्य योजना से ग्रीड का हुआ है निर्माण
- किसान सलाहकार योजना के लिए 63.99 करोड़ मंजूर
- तांती और ततवां जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने का भी फैसला किया गया है
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