मृतक सेना के जवान के पार्थिव शरीर के साथ हुआ इंसानियत को शर्मसार करने वाला घटना

महेंद्र प्रसाद, सहरसा
देश जब चैन की नींद सोता है तो सरहदें पर रात भर जाग कर हमारी चैन की नींद को सार्थक करता है । पर जव वे मौत की आगोश में से जाते है तो उसके पार्थिव शरीर पर एक फुल भी चढ़ाना मुनासीब नही समझ जाता ये मामला सामने आया है बिहार के सहरसा जिले में।

कश्मीर के कारगिल सेक्टर से सेना के एक टुकड़ी को पहुंचाकर कर वापस जम्मू बैस केंम्प आ रहे सेना सेवा कोर संगठन के एक जवान विभाष कुमार विमल की मौत सड़क हादसे में  15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन हो जाने के बाद उसका पार्थिक शरीर बुधवार को उनके पैतृक निवास स्थान सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के बनमा इटहरी प्रखंड स्थित परसाहा गांव लाया गया।
सेना के इस जवान का पार्थिव शरीर सुबह पटना विशेष विमान से पटना आया जहां से सेना के नायव सुबेदार रबीन्द्र चौवे के नेतृत्व में तीन जवान सड़क मार्ग से दोपहर 2:00 बजे उनके पैतृक गांव लाई गई जहां उसके ढ़ेर वर्षीय पुत्र मयंक राज ने मुखाअग्नि दी। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से किसी ने भी सेना के इस जवान को श्रद्धांजलि देना मुनासिब नहीं समझा यहां तक कि अनुमंडल प्रशासन के भी किसी पदाधिकारी ने इस गांव में झांकने तक की जहमत नहीं उठाई वही खगड़िया सांसद चौधरी महबूूब अली केसर का भी सिमरी बख्तियारपुर गृहक्षेत्र है वे भी नही पहुंचे। 
स्थानीय ओपी जितेन्द्र साहनी- प्रभारी अपने जवानों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में मात्र  नजर आए वही जिले के बड़े नेताओ ने भी यहां आने की जहमत नहीं उठाई।सिमरी बख्तियारपुर के विधायक दिनेश यादव का गृह क्षेत्र है वही बिहार सरकारी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर भी इसी जिले के महिषी विधानसभा से विधायक हैं और सरकार में मंत्री का पद पर सुशोभित है ।इन लोगों ने भी इस सेना के जवान के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देना मुनासिब नहीं समझा (इन लोगों के संबंध में बताया गया ये लोग विधानसभा सत्र में भाग ले रहे है) वही बिहार के चर्चित सांसद पप्पू यादव का संसदीय क्षेत्र है इतना ही नहीं मृतक सेना के जवान का पैतृक निवास स्थान उनके आदर्श ग्राम के तहत आता है उन्होंने भी यहां आना मुनासिब नहीं समझा वही स्थानीय विधायक एवं सरकार के मुख्य सचेतक रत्नेश सादा भी नही पहुंचे।
बीडीओ, सीओ तक किसी ने नहीं ली सुधि- जब अधिकारी की नैतिकता की पतन हो जाये तो कुछ भी बोलना एवं लिखना बेकार है। बनमा इटहरी के सेना के जवान के पार्थिव शरीर गांव परसाहा आने पर सिर्फ ओपी अध्यक्ष ही पहुचे। बनमा इटहरी बीडीओ, सीओ झांकने तक नहीं गए।जवकि प्रखंड मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर की दुरी पर सेना का घर था। सिर्फ स्थानिय पंचायत प्रतिनिधि जिप सदस्य जफर आलम, पूर्व जिप उपाध्यक्ष रितेश रंजन, बीस सुत्री प्रखंड अध्यक्ष रमेश चन्द्र यादव,प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि चंदन कुमार,पूर्व प्रमुख रोहित यादव आदि ने सिरकत किया।

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