नीतीश कैबिनेट के फैसले: नया शराबबंदी कानून व स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड 2 अक्टूबर से होगा लागू.....

पटना। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को प्रदेश में 5 अप्रैल से लागू पूर्ण शराबबंदी को और कठाेरता से लागू करने के उद्देश्य से बने नए मद्यनिषेध और उत्पाद कानून को 2 अक्टूबर से लागू करने का निर्णय लिया है. सरकार ने कहा है कि गांधी जयंती के अवसर से बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 लागू हो सकेगा और इससे मद्यनिषेध को सफल बनाने में आ रही वैधानिक कठिनाइयां दूर हो सकेंगी. ब्रिटिश हुकूमत में 1915 में बने कानून को निरस्त कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ण मद्यनिषेध के लिए नया कानून बनाया है. राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने विधानमंडल से पारित होने के एक माह बाद चर्चित विधेयक पर अनुमति दी है.
अब नहीं मिलेगी जमानत 
कैबिनेट की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि 1915 का बिहार उत्पाद अधिनियम और 1938 संशोधित अधिनियम के अधिकांश प्रावधान प्रासंगिक नहीं रह गए हैं. सरकार ने इसी वर्ष 1 अप्रैल से देसी और 5 अप्रैल से विदेशी शराब के पीने, कारोबार व भंडारण पर रोक लगाने को नया कानून बनाकर घर-परिसर में शराब रखना भी संज्ञेय अपराध बना दिया गया है. कानून में इसी कमी से अप्रैल से लेकर अब तक कई को जमानत मिल चुकी है. शराब मिलने पर परिवार के सभी वयस्क दोषी माने जाएंगे.

गोपालगंज में जहरीली शराब से मौत मामले में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये
कैबिनेट सचिव ने बताया कि 16-17 अगस्त को गोपालगंज में जहरीली शराब से मौत मामले में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है. इस कांड में बुरी तरह जख्मी हुए लोगों को दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायल को 20 हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया है. शराबबंदी नीति की धारा के तहत जहरीली शराब के जिम्मेवार से यह पूरी राशि वसूल की जायेगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए जिम्मेवार से कुल 64 लाख रुपये की वसूली हाेगी. इस घटना में कुल 16 लोगों की मौत हो गयी थी.

उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना
मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए अब छात्रों को एक माह के अंदर चार लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा. इसके लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को बुधवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गयी. राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना पूरे राज्य में दो अक्तूबर से लागू कर दी जायेगी. इसका लाभ 25 साल तक के 12वीं पास छात्रों को मिलेगा.
वित्त विभाग के प्रधान सचिव रवि मित्तल ने बताया कि शिक्षा ऋण के लिए छात्रों को जिला रजिस्ट्रेशन केंद्र में ऑनलाइन आवेदन करना होगा. 15 दिनों में संबंधित छात्रों को एसएमएस या इ-मेल से दस्तावेजों की जांच के लिए जिला रजिस्ट्रेशन केंद्र बुलाया जायेगा, जहां छात्र से सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनकी जांच की जायेगी. जांच में संतुष्टि के बाद जिला निबंधन केंद्र आवेदन को ऋण स्वीकृत करने के लिए बैंक को आवेदन सौंप दिया जायेगा. फिर 15 दिनों के अंदर बैंक सभी प्रक्रिया को पूरी करने के बाद छात्र को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आमंत्रित करेगा. उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की पूरी प्रक्रिया एक माह के अंदर पूरा कर ली जायेगी. यानी  स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए छात्र को पूरी प्रक्रिया पूरी करने में एक बार जिला निबंधन कार्यालय आैर एक बार बैंक में जाना होगा. मित्तल ने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है. जितने आवेदन मिलेंगे, उन्हें स्वीकार किया जायेगा.
इस पर लगने वाला दो प्रतिशत सूद और ऋण की गारंटी सरकार ने ली है. ऋण की वापसी नहीं होने पर राज्य सरकार बैंक को यह ऋण वापस करेगी. मित्तल ने बताया कि इस योजना की स्वीकृति के साथ ही छात्र से ऋण के लिए बैंक कोई गारंटी की मांग नहीं करेगा. उन्होंने बताया कि योजना में ऐसा प्रावधान किया गया है कि संस्थान को भी बैंक से सीधे राशि भेजी जायेगी, वहीं छात्रों को अपनी खर्च के लिए उनके बैंक एकाउंट में राशि  भेजी जायेगी.

पटना मास्टर प्लान 2031 का रास्ता साफ
पटना मेट्रोपोलिटन प्लानिंग कमेटी को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है. इस कमेटी के अध्यक्ष नगर विकास विभाग के मंत्री होंगे, जबकि संजय कुमार सिंह उपाध्यक्ष होंगे. यह कमेटी पटना महानगर के कामकाज को लेकर सरकार को सुझाव देगी. कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि कमेटी में 30 सदस्य होंगे. नगर विकास विभाग, उद्योग विभाग, वित्त विभाग और योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिवों को सदस्य बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि इस कमेटी का नाम पटना महानगर आयोजना क्षेत्र होगा. इसका एरिया 1167.04 वर्ग किलोमीटर होगा. इसमें 13 प्रखंड और कुल 581 प्रशासनिक इकाइयां शामिल हैं. इनमें पटना नगर निगम, दानापुर नगर पर्षद, खगौल नगर पर्षद, फुलवारीशरीफ नगर पर्षद, मनेर नगर पंचायत और फतुहा नगर पंचायत सहित कुल छह शहरी प्रशासनिक इकाइयां और 575 ग्रामीण प्रशासनिक इकाइयां हैं.
चौहद्दी : उत्तर - मनेर प्रखंड के रामपुर, हल्दी छपरा से होकर गंगा नदी के हरदासपुर बिगहा तक.
दक्षिण - बिहटा प्रखंड के नत्थुपुर, मथुरापुर, तरवन होकर नौबतपुर प्रखंड के चैनपुरा, मिश्रीचक, खरौना, मसौढ़ी प्रखंड के चक सदुल्लाह, पुनपुन प्रखंड के कुतुबपुर, नेबारचक, बांबक, सुंदरपुर, धनरुआ प्रखंड के चकजोहरा, फतुहा प्रखंड के नंदाचक होते हुए फतुहा प्रखंड के दौलतपुर तक.
पूरब - फतुहा प्रखंड के दौलतपुर से जमालपुर, दनियावां प्रखंड के किसमिरिया होते हुए खुसरूपुर  प्रखंड के हरदासपुर बिगहा तक.
पश्चिम : बिहटा प्रखंड के नत्थुपर से कौरिया, पाली होते हुए मनेर प्रखंड के हल्दी छपरा तक.

इसके अलावा अन्य कई बड़े फैसले
1. कैबिनेट ने बिहार के मंदिरों के लिए बड़ा फैसला लिया है जिसके अंतर्गत गृह विभाग के योजना मद से 'बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजना' की स्वीकृति तथा वर्ष 2016 एवं उसके आगामी वर्षों में इस योजना के कार्यान्वयन के संबंध में मजूरी दे दी गई है.
2. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना से संबंधित मार्गनिर्देशिका के नियम 4 (VI) में संशोधन के संबंध में स्वीकृत.
3. बहुक्षेत्रक विकास कार्यक्रम (एम.एस.डी.पी.) के तहत सीतामढ़ी एवं किशनगंज जिला में नवस्वीकृत पोलिटेकनिक संस्थानों में प्रति संस्थान 36 (छत्तीस) शैक्षणिक तथा 39 (उनचालिस) गैर शैक्षणिक पर्दो अर्थात कुल 72 शैक्षणिक तथा 78 गैर शैक्षणिक पदों के सृजन की स्वीकृति के संबंध में.
4. विभागान्तर्गत नवस्थापित राजकीय पोलिटेकनिक, बाढ़ (पटना) के लिए 36 (छत्तीस) शैक्षणिक तथा 39 (उनचालिस) गैर शैक्षणिक पदों के सूजन की स्वीकृति के संबंध में.
5. क्षेत्रीय कार्यालय एवं समाहरणालय, आशुलिपिक आशुटंकक संवर्ग के प्रोन्नति के तृतीय पदसोपान प्रधान आशुलिपिक/प्रधान आशुटंकक का वेतनमान निर्धारित.
6. काणिज्य-कर विमाग बिहार वित्त सेवा संवर्ग क वाणिज्य-कर पदाधिकारी (वेतनमान् रू० 15600-39100+ग्रेड पे-5400) कोटि से वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त (वेतनमान् रू० 15600-39100+ग्रेड पे-6600) कोटि में प्रोन्नति देने के संबंध में।
7. स्वास्थ्य विमाग डा० मी० इसरत चिकित्सा पदाधिकारी, प्रा०स्वा०केन्द्र, कुचायकोट, गोपालगंज को लगातार 05 वर्षों से अधिक अनाधिकृत अनुपस्थिति के आरोप मे बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बखस्ति करने का प्रस्ताव।
8. आयुष प्रक्षेत्र के 219 आयुष चिकित्सकों/शिक्षकों (145 आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी, 52 यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी एवं राजकीय आर०बी०टी०एस० होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर के 22 होमियोपैथिक शिक्षकों) को प्रथम/ द्वितीय ए०सी०पो०/ प्रथम/ द्वितीय/तृतीय एम०ए० सी०पी० एवं प्रथम/ द्वितीय/ तृतीय डी०ए०सी० पी० की स्वीकृति.
9. श्रम संसाधन विभाग बिहार कारखाना नियमावली, 1950 में संशोधन.
10. विधि विभाग महाधिवक्ता, बिहार के सरकारी आवास (आवासीय कार्यालय) के विद्युत विपत्र भुगतान हेतु अधिकतम प्रतिमाह 500 यूनिट बिजली निर्धारित किए जाने की स्वीकृति के संबंध में.
11. गृह विभाग (आरक्षी शाखा) बिहार पुलिस सेवा के कुल 03 (तीन) अपर पुलिस अधीक्षकों को स्टॉफ ऑफिसर (पे०बैण्ड-4+ग्रेड वेतन से 800 के पद पर प्रोनति की स्वीकृत के संबंध.
12. स्वास्थ्य विभाग डा० विजयेन्द्र कुमार, तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी, अतिoप्रा०स्वा०केन्द्र, चेरो, सरमेरा, नालंदा को दिनांक1205.1997 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक अनाधिकृत के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बखास्त करने का प्रस्ताव.
13. स्वास्थ्य विमाग डा० अभय कुमार सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रा०स्वा०केन्द्र, नवहट्टा, रोहतास को दिनांक-01.08.2005 से लगातार पाँच वर्षों से अधिक अनाधिकृत के आरोप में बिहार सेवा संहिता के नियम-76 के तहत सेवा से बखस्त करने का प्रस्ताव.

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