शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट ने एतिहासिक फैसला सुनाते हुए बिहार सरकार के नए शराबबंदी कानून को रद्द कर दिया है। शराब मिलने पर पूरे परिवार को जेल भेजने जैसे कानून को लेकर हाईकोर्ट को एतराज था। सरकार ने 5 अप्रैल को शराबबंदी को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा, 'सरकार ने जो नोटिफिकेशन जारी किया था वो संविधान के दायरे में नहीं आता। इसे जबरन लागू नहीं किया जा सकता।' बता दें दोषी पाए जाने पर उम्रकैद या 10 लाख के जुर्माने या फिर दोनों का प्रावधान था। इस फैसले को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनौती।
राज्य में नई उत्पाद नीति के तहत राज्य के दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पास कर दिया था। उसके बाद राज्यपाल ने भी इसपर मुहर लगा दी थी।
क्या था नए शराबबंदी कानून में?
- शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने पर पूरे गांव या शहर पर सामूहिक जुर्माने का प्रोविजन था। कलेक्टर को जुर्माने का अधिकार दिया गया था।
- ताड़ी को देशी शराब मानते हुए इसके रखने या पीने पर बैन लगाया गया था।
- ताड़ी के इस्तेमाल पर दोषियों के खिलाफ मौजूदा कानून के तहत कार्रवाई होगी। 10 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता था।
- उम्रकैद की सजा का भी प्रावधान किया गया था। अपराध के हिसाब से जुर्माना और उम्रकैद, दोनों सजाएं भी मिल सकती थीं।
- दूसरी बार पकड़े जाने पर दोगुनी सजा की बात कही गई थी।
- बिल के मुताबिक, किसी घर, मकान या परिसर में कोई नशीला पदार्थ या शराब पाई जाती है, उसका इस्तेमाल किया जाता है या उसे बेचा-बांटा जाता है तो परिवार के 18 साल से ज्यादा उम्र के सारे सदस्य दोषी होंगे। यह माना जाएगा कि उन्हें अपराध की जानकारी थी।
- नए कानून में शराब पीने या बेचने के सभी तरह के अपराधों गैर जमानती करार दिया गया। इसमें एक से दस लाख तक जुर्माना और 5 से 7 साल तक की सजा का एलान।
5 अप्रैल को लागू हुआ था कानून
- नीतीश सरकार ने 1 अप्रैल को देशी शराब के बनाने, उसकी बिक्री और खपत पर बैन लगाया था। बाद में सभी प्रकार की शराब की बिक्री पर बैन लगा दिया था।
- 5 अप्रैल 2016 को नीतीश सरकार ने हर तरह की शराब को बैन करने का फैसला लिया था और राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी थी।
- शराब की बिक्री बंद होने के खिलाफ शराब व्यवसायियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
- मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 5 अप्रैल को उत्पाद अधिनियम में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया है।
शराबबंदी पर नीतीश की कोशिशों को लगा झटका...
बिहार समेत कई राज्यों में सीएम नीतीश कुमार शराबबंदी लागू कराने की मांग और पहल कर रहे है। बिहार में ही उनके नये शराबबंदी कानून को लेकर महागठबंधन के कई नेताओं ने भी सवाल उठाया था।लेबल: हिंदी समाचार, Bihar, Court, Government, High Court, India, Patna, State Government, Temperance