देश में संज्ञेय अपराध के मामलों में बिहार का स्थान 22वां है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के वर्ष 2015 के आंकड़ों का हवाला देते हुए एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने यह जानकारी बुधवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी. उन्होंने कहा कि संज्ञेय अपराधों का राष्ट्रीय औसत दर 234.2 है. जबकि बिहार का अपराध दर 171.6 है. राष्ट्रीय अपराध दर वर्ष 2014 में 229.2 से बढ़कर 234.2 हो गया है.
वहीं, बिहार राज्य का अपराध दर वर्ष 2014 में 174.2 से घटकर 171.6 हो गया है. वर्ष 2015 में अपराध दर के अनुसार, दिल्ली (916.8) का स्थान पहला है. मध्य प्रदेश (348.3) का स्थान तीसरा, हरियाणा (310.4) का पांचवां, छत्तीसगढ़ (220.9) का 12वां, गुजरात (203.6) का 16वां, महाराष्ट्र (231.2) का 9वां स्थान है. इन राज्यों की तुलना में बिहार (171.8) की स्थिति काफी बेहतर है. उन्होंने कहा कि भारतीय दंड विधान के तहत दर्ज कुल संज्ञेय अपराधों की संख्या के अनुसार भी बिहार (177973) का स्तान 9वां है. जबकि महाराष्ट्र (275414) पहले, मध्य प्रदेश (268614) दूसरे, राजस्थान (198080) पांचवां और दिल्ली (191377) छठे स्थान पर है.
इन अपराधों में बिहार का राष्ट्रीय स्तर पर रैंक
बिहार में अपराध में काफी कमी आई है. 2015 में अप्रैल से जुलाई की अपेक्षा 2016 में अप्रैल से जुलाई तक हत्या में 31.74 प्रतिशत, डकैती में 29.73 प्रतिशत, लूट में 10.33 प्रतिशत, दंगा में 18.42 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण में 61.54 प्रतिशत, बलात्कार में 20.15 प्रतिशत, रोड डकैती में 27.40 प्रतिशत, रोड लूट में 3.31 प्रतिशत की कमी आई है. इस अवधि में सड़क दुर्घटना के मामलों में 24.69 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 26.15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
अपराध - देश में बिहार का स्थान
हत्या - 12वां
डकैती - 06
लूट - 15
गृह भेदन - 28
चोरी - 22
सामान्य अपहरण - 15
महिला अपराध - 26
बलात्कार - 30
सामान्य दंगा - 02
सांप्रदायिक दंगा - 10
राज्य के विरुद्ध अपराध - 03लेबल: हिंदी समाचार, Bihar, Crime, India, Report, State