आज कल बिहार सिर्फ नकारात्मक वजहों से चर्चा में है लेकिन बिहार को जैसा चित्रित किया जा रहा वैसा नहीं है हमारा बिहार.
आज परिस्थितियों का दंश जरुर झेल रहे हैं हम मगर हमारा इतिहास ही हमारे लिए प्रेरणा है और हमें यह विश्वास है कि"इस अँधेरे के बाद सूरज जरुर निकलेगा".
नकारात्मकता भरे इस माहौल में मैंने बिहार के ऊपर थोड़ी जानकारी जुटाई जिसके आधार पर मैं यह गर्व से कह सकता हूँ कि भारत को बिहार ने जो दिया, जितना दिया उतना किसी अन्य राज्य ने नहीं दिया होगा।
निश्चित ही वर्तमान में कई नकारात्मक कारणों से चर्चा में है बिहार, मगर हमारे बिहार जैसा गौरवशाली इतिहास भी किसी अन्य राज्य का नहीं. नकारात्मक खबर तो सब जगह पढ़िए रहे होंगे, आइए कुछ अच्छा पढ़ते हैं.
मूल बात पर जाने से पहले-
"चंद लोगों की वजह से हमें भी न तौलो सरकार,
हमने तो अपने पूर्वजों के रस्ते पे चलना स्वीकारा है".
आईए बिहार के इतिहास का दर्शन कराऊँ,
धर्म की बात हो तो बिहार ने संपूर्ण विश्व को सत्य और
अहिंसा का मार्ग महावीर स्वामी और गौतम बुद्ध के रूप में प्रदान किया,
ज्ञानार्जन केंद्र की बात करनी हो तो हमने विश्व को नालंदा, ओदंतपुरी जैसे विश्वविद्यालय दिए,
ज्ञान की बात हो तो शून्य की खोज इसी बिहार की माटी पर आर्यभट ने किया,
धर्म रक्षा को बात हो तो गुरु गोविंद सिंह ने इसी पुण्यभूमि पर जन्म लिया,
राजनीति की बात करें तो आचार्य चाणक्य जैसा आज भी कोई प्रखंड विद्वान् नहीं,
राजतंत्र की बात करें तो अखंडित भारत के शाशक महान् सम्राट अशोक और चन्द्रगुप्त मौर्य जैसा शासक दूसरा कोई नहीं,
लोकतंत्र की बात करें तो वैशाली में सर्वप्रथम इसी बिहार ने लोकतंत्र की लौ जलाई,
देश चलाने की बात हो तो देश को पहला राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद सिन्हा हमने दिया,
बलिदान की बात करें तो आज भी पटना सचिवालय के पास 7 बलिदानियों के मूर्ति प्रमाण है,
संघर्ष और प्रेम की बात हो तो दशरथ मांझी इसी बिहार के लाल हैं,
विकास की बात करें तो दिल्ली का G.T रोड बनवाने वाले शासक शेर शाह सूरी इसी बिहार के थे,
काव्य रचनाओं की बात हो या कवियों की राष्ट्रकवि दिनकर,
रेणु से लेकर नागार्जुन जैसे प्रख्यात कवियों को जन्म देने वाली धरती का नाम बिहार है,
जन-आंदोलन की बात है तो जयप्रकाश नारायण जैसे महान व्यक्ति का जन्मस्थली हमारा बिहार है,
मृत्यु उपरांत पितृपक्ष शांति के लिए भी तो विश्वभर से लोग आज भी गया शहर ही आते हैं,
देश के इतिहास में बिहार के योगदान की सूचि बहुत लंबी है,
शायद शब्द कम पड़ेगे अगर सभी हस्तियों की जीवनी उकेड़ने लगूं तो मगर अभिमान या किसी को नीचा दिखाना मेरा अभिप्राय नहीं,
राजनीतिक अस्थिरता या चंद लोगों की वजह से बिहार और बिहारी कभी गलत नहीं हो सकते,
नजर नहीं, नजरिया बदलिए! आप भी अच्छा देख सकते है हमें विश्वास है,
और बिहार दर्शन के लिए जरुर आइए क्योंकि कभी कभी जो
होता है वो प्रत्यक्ष देख कर ही अनुभव किया जा सकता.
और हाँ "बिहार का मतलब सिर्फ शाहबुद्दीन नहीं मेरे भाई!"
पढ़ने के उपरांत अपनी टिपण्णी जरुर कीजियेगा, क्योंकि एक लेखक आपके टिपण्णी के बिना अधुरा है.
Written By - Sonu Nigam Singh
लेबल: जरा हट के, Bihar, Bihari