प्रभु की रेल : महिला बोगी में पुरुषो का रहता है कब्ज़ा

• प्रभु जी क्या यही है रेल यात्रिओ की बेहतर सुबिधा
• महिला बोगी में पुरुष का कब्ज़ा
महेंद्र प्रसाद, सहरसा।
सहरसा से पटना के बीच चलने वाली सुपरफास्ट राज्यरानी एक्सप्रेस में महिलाओ के लिए आरक्षित बोगी में अवेध रूप से पुरुष घुसकर सीट पर कब्ज़ा जमा लेता है। महिलाये के विनती के वावजूद पुरुष सीट से हिलते तक नहीं है। जिन कारण महिलाये को काफी परेसानी का सामना करना पड़ता है। स्थिति यह है की एक दो पुरुष नहीं बल्कि अधिकांश सीट पर पुरुष का कब्ज़ा रहता है। यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मे संभाले आरपीएफ या जीआरपी कही नज़र तक नहीं आता है। ऐसी स्थिति प्रायः सभी दिन होती है। वही दिव्यांग के लिए आरक्षित बोगी पर भी कब्ज़ा रहता है। उक्त बोगी में भी यात्री अवेध रूप से कब्ज़ा किये बहता है एवं दिव्यांग बेचारे निचे बैठकर यात्रा करते है। महिलाओं का कहना था की जव बोगी महिलाये के लिए आरक्षित है तो फिर पुरुष कैसे बोगी में प्रेवश कर जाता है। इनके साथ ही जो पुरुष सीट पर बैठता है वह उठने का नाम ही नहीं लेता है। सब दिन की यही स्थिति रहती है। कभी भूल से भी रेल पुलिस झांकने तः नहीं आता है।

चेकिंग के नाम पर टीटीई करते है वसूली- पटना जंक्शन पर यात्री के टिकट चेकिंग के नाम पर टीटीई जमकर वसूली करते है। जिनके के पास टिकट रहने के वावजूद सुपरफास्ट ट्रेन जा धौस दिखाकर ये टीटीई यात्री का शोषण करते है। आश्चर्य जनक बात यह है की इस अवेध वसूली में महिला टीटीई की सामान भागीदारी रहती है। यात्री से रुपए ज्यदा एवं रशीद कम का दिया जाता है। इसी कारन वुधवार को खगरिया के एक  यात्री से टिकट नहीं रहने पर 500 रुपए वसूला गया एवं रशीद 350 रुपए का ही दिया। जब यात्री ने विरोध किया तो बहुत सारा टीटीई जमा होकर जेल भेजने का धमकी देने लगा। कही भी रेल प्रसाशन नजर नहीं आया। जब पटना का ये हाल है तो फिर अन्य स्टेशन का भगवन ही मालिक है।

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