बिहार बोर्ड ने अपने एक नये फैसले के तहत इंटर और मैट्रिक की परीक्षा को और पारदर्शी बनाने के लिये हाइटेक कदम उठाने जा रहा है. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट के उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन सुरक्षित और संरक्षित हो, इसके लिये बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मूल्यांकन में डिजिटल मार्किंग सिस्टम को लागू करने जा रहा है. पहली बार कंपार्टमेंटल एग्जाम में लागू करेगी. प्रयोग यदि सफल रहा तो मुख्य परीक्षा में भी लागू किया जाएगा.
राज्य के हर जिले में स्ट्रांग रूम की होगी व्यवस्था
परीक्षा के बाद जिले की कॉपियां वहीं स्ट्रॉन्ग रूम में रहेंगी. स्ट्रॉन्ग रूम में लगे हाई स्पीड स्कैनर से कॉपी स्कैन होगी, फिर ये कॉपिया सर्वर में डाली जाएंगी, जिसे एवलुऐशन सेंटर पर शिक्षक लॉगिन कर खोलेंगे. और कॉपी जांची जाएगी. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में यह व्यवस्था रहेगी.
पहले कंपार्टमेंटल एग्जाम में होगा प्रयोग
टॉपर घोटाले के बाद अपनी साख बचाने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कॉपियों के मूल्यांकन को डिजिटलाइज करने की योजना बना रही है. इस बार मैट्रिक और इंटर के कंपार्टमेंटल एग्जाम में डिजिटल मार्किंग सिस्टम लागू करने जा रही है. इसके तहत एग्जाम के बाद परीक्षार्थियों की कॉपियों को स्कैन किया जाएगा. शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही कॉपियों को चेक करेंगे. इससे कई तरह की गड़बड़ी को खत्म किया जा सकेगा. जानकारी के मुताबिक इस सिस्टम के लागू हो जाने से मार्क्स देने में गलती शिक्षक नहीं कर पायेंगे, रिजल्ट तैयार करने में महीना नहीं बल्कि दस दिन लगेंगे और कॉपियों की टैंपरिंग नहीं हो पाएगी.
शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी. निविदा के माध्यम से एजेंसी हायर किया जाएगा.लेबल: हिंदी समाचार, Bihar, BSEB, Children, Digital, Education, Exam, India, Inter, Matric, Result, State, Student