नौसेना को मिला खतरनाक युद्धपोत मोरमुगाओ, जानिए कुछ खास बातें...

मुंबई. मुंबई में भारतीय नेवी ने अपना देश के सबसे एडवांस्ड डिस्ट्रॉयर वॉरशिप "मोरमुगाओ" शनिवार को समुद्र में उतार दिया है। इसे नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा की मौजूदगी में समुद्र में उतारा गया। यह भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला अब तक का सबसे शक्तिशाली युद्धपोत है। इसपर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तैनात होंगी। इस पर तैनात ब्रह्मोस मिसाइल से 300 किलोमीटर दूर मौजूद टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है। मोरमुगाओ को नेवी के प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाया गया है। इस कैटेगरी के वॉरशिप दुश्मन के राडार की पकड़ में आसानी से नहीं आते।

इस जहाज नाम बंदरगाह पर रखा
गौरतलब है कि देश के सबसे शक्तिशाली इस जंगी जहाज 'मोरमुगाओ का नाम गोवा स्थित एक सबसे पुराने बंदरगाह पर रखा गया है। वॉरशिप के लोगो पर एक किला और बाइसन बना है। यह किला पुर्तगालियों ने गोवा में बनाया था। लोगों पर किले की फोटो यह बयां करती है कि यह 'मोरमुगाओ' जहाज भी किले की तरह ही है, जिसे भेद पाना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुम्किन है। विदित हो कि मौजूदा रंक्षी मंत्री मनोहर पार्रीकर भी गोवा से ही हैं।

क्या है मोरमुगाओ की ताकत...
- मोरमुगाओ में इजराइल में बना मल्टी फंग्शन सर्विलान्स थ्रेट अलर्ट राडार (MF-STAR) लगा है, जो हवा में सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद टारगेट का पता लगा लेगा। इससे मिसाइल का निशाना सटीक होगा।
- ये वॉरशिप दुनिया के सबसे एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर हैं।
- इस पर 8 ब्रह्मोस मिसाइल तैनात होंगी, जो जमीन या समुद्र की सतह पर 300 किमी दूर मौजूद टारगेट को निशाना लगा लेंगी।
- इस पर बराक-8 सर्फेस-टू-एयर मिसाइल (एलआर-एसएएम) भी तैनात की जाएंगी, जो उड़ते एयरक्राफ्ट पर 70 किलोमीटर दूर से निशाना साध सकती हैं।
- बता दें कि एलआर-एसएएम टेक्नीक भारत और इजरायल ने मिलकर ईजाद की है।
- यह वॉरशिप मिसाइल को चकमा देने में सक्षम है, क्योंकि इसे स्टेल्थ तकनीक से बनाया गया है। यह एटॉमिक, बायलॉजिकल और कैमिकल वॉर के वक्त भी बचाव कर सकता है।
- हालांकि, नेवी में यह दो साल बाद शामिल किया जाएगा।
300 लोग होंगे सवार
- मोरमुगाओ इंडियन नेवी के प्रोजेक्ट 15-बी के तहत बना दूसरा वॉरशिप है। इस कैटेगरी का पहला शिप पिछले साल अप्रैल में लॉन्च किया गया था।
- ऐसे 4 मॉडर्न वॉरशिप बनाने के लिए 29,700 करोड़ रु. का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
- मोरमुगाओ का वजन 7300 टन है, लंबाई 163 मीटर है।
- इसमें चार यूक्रेनियन गैस टर्बाइन इंजन लगे हैं, जो इसे 30 नॉट (करीब 56 Kmph) तक की रफ्तार देते हैं।
- इसमें 50 नेवी अफसर और 250 सेलर तैनात होंगे।
- इन शिप्स को मुंबई के मझगांव शिपयार्ड में बनाया जा रहा है।

क्या है प्रोजेक्ट 15बी?
नेवी के प्रोजेक्ट 15बी को विशाखापट्नम क्लास भी कहा जाता है। इसके तहत बनने वाले वॉरशिप में स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर होते हैं। इससे पहले के 15ए प्रोजेक्ट को कोलकाता क्लास कहा जाता था। जनवरी, 2011 में सिक्युरिटी पर कैबिनेट कमेटी ने 15बी प्रोजेक्ट के तहत 4 डिस्ट्रॉयर के लिए मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले वॉरशिप्स में एंटी-शिप्स ब्रह्मोस, बराक 8 और निर्भय क्रूज मिसाइल को तैनात किया जाएगा।

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