कश्मीर के उड़ी हमले में गोली लगने से घायल बिहार भोजपुर के एक और वीर सपूत नायक राजकिशोर सिंह गुरुवार को वीरगति को प्राप्त हो गए। उनका इलाज दिल्ली के आर एंड आर अस्पताल में चल रहा था। अब जिले के शहीदों की संख्या दो हो गई है। इससे पूर्व आतंकवादियों के हमले में पीरो थाना के रकटू टोला के रहने वाले जवान अशोक सिंह शहीद हुए थे।
बेटी ने कहा- मैं भी पाकिस्तान से लड़ने को तैयार...
- राजकिशोर की शहादत की सूचना परिजनों को शहर के विजय नगर- गांगी स्थित आवास पर गुरुवार दोपहर 3.20 बजे मिली। शुक्रवार को शव आने की उम्मीद है।
- वह मूलरूप से बड़हरा के कृष्णगढ़ के पीपरपांती गांव थे। शहीद की वीरांगना कंचन देवी व मां अनसुईया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
- उनके घायल होने की सूचना पर बड़े भाई बेनी माधव सिंह, अशोक सिंह व भतीजा विशाल सिंह वहां गए थे। जवान का इलाज दिल्ली में चल रहा था।
- करीब तीन बजे जख्मी नायक ने अंतिम सांसें ली। राजकिशोर जुलाई में ही एक महीना की छुट्टी लेकर आए थे। 30 जुलाई को यहां से गए थे।
- 18 सितंबर को उड़ी में आतंकवादियों के हमले में 18 जवान शहीद हुए थे। इनमें तीन बिहार के थे।
- जिसमें पीरो के रकटू टोला के रहने वाले जवान अशोक सिंह भी शहीद हुए थे। नायक राजकिशोर सिंह गोली लगने से घायल हो गए थे।
13 साल पहले हुई थी शादी
पीपरपांती गांव के रहने वाले राजकिशोर सिंह की शादी वर्ष 2003 में बड़हरा के मौजमपुर गांव निवासी कंचन देवी के साथ हुई थी। पुत्र हेमंत दस साल और पुत्री सुहानी बारह वर्ष की है।
देशभक्ति का जज्बा, पूरा परिवार है फौज में
- पीपरपांती गांव के स्व. विष्णु सिंह को कुल तीन पुत्र थे। विष्णु सिंह भी पहले फौज में थे। रिटायरमेंट के बाद उनकी मौत हो गई थी।
- बड़े पुत्र बेनी माधव सिंह बिहार रेजिमेंट से रिटायर होने के बाद असम में डीएफसी में कार्यरत है।
- मंझले बेटे अशोक सिंह, बिहार रेजिमेंट में ही नायक सुबेदरा के पद पर जलपाईगुड़ी में कार्यरत है। छोटा बेटे नायक राजकिशोर सिंह उड़ी सेक्टर में कार्यरत थे।
चाचा ने कहा-शहादत पर हमें है गर्व, हमारे जवानों ने लिया बदला
- शहीद के चाचा श्रीनिवास सिंह ने कहा- हमें गर्व है कि आज के दिन भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान पर हमला किया और भतीजा शहीद हुआ। भतीजे को शायद इसी दिन का इंतजार था।
- शहीद राजकिशोर की 12 वर्षीय पुत्री सुहानी ने कहा कि देश के लिए मैं भी पाकिस्तान से लड़ने को तैयार हूं। मोदी सरकार इजाजत दे। लड़ने के लिए हमें अभी से बुला लें।
- दस वर्षीय पुत्र हेमंत ने कहा- मेरे पापा शहीद हुए, मरे नहीं हैं।लेबल: हिंदी समाचार, Army, Arrah, Attack, Bihar, India, Kashmir, Pakistan, Terrorist, World