पूर्णिया. बिहार पूर्णिया के बायसी के दसवीं के छात्र मो. आसिफ रजा ने स्वदेशी एसी का मॉडल तैयार किया है, जिसको एक बार चलाने पर कमरा दो से तीन घंटे तक ठंडा रह सकता है। यह बहुत कम खर्च में तैयार किया गया है। ताकि गरीब भी एसी का मजा ले सकें। इस मॉडल को गुरुवार को आसिफ ने जिला स्कूल में आयोजित डिस्ट्रिक्ट लेवल इंस्पायर अवार्ड कॉम्पिटिशन में प्रदर्शित किया।
कॉम्पिटिशन का आयोजन राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत किया गया था। इसमें 26 हाईस्कूल के बच्चों द्वारा 26 मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिसमें आसिफ के मॉडल सहित छह का चयन राज्यस्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता के लिए किया गया।
जानिए कैसे तैयार किया एसी...
- आसिफ ने बताया कि यह एसी उर्जा की बचत के साथ-साथ गरीबों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
- इसको बनाने में एक प्लास्टिक की बाल्टी, एक छोटा सा पंखा, पीवीसी पाइप और होल कटर का यूज किया गया है।
- बाल्टी में बर्फ और पानी को रखने के बाद ढक्कन की जगह पंखा को सेट किया गया है।
- ठंडी हवा निकलने के लिए बाल्टी के बॉडी में तीन जगहों पर छेद कर उसमें पीवीसी पाइप लगाई गई है।
- पंखा को बिजली या बैट्री की मदद से चला दिया जाता है।
आसिफ के टीचर मो. फारूख आजम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए आसिफ काफी दिनों से सोच रहा था।
स्टेट लेवल कॉम्पिटिशन के लिए इनका हुआ चयन
- सिलेक्ट मॉडल में मो आसिफ रजा (उवि बायसी) का स्वदेशी एसी, लवलेश कुमार (कलानंद उवि गढ़बनैली) का मिश्रित कृषि पर आधारित मॉडल, सिंधु भारती (उवि कसबा) का जलस्तर सूचक यंत्र, अर्पिता भवल (उवि बेलौरी) का अध्यापन कार्य में महाबचत, मीनू कुमारी (उत्क्रमित उवि ब्रह्मज्ञानी) का जलस्तर सूचक यंत्र और मनीष कुमार (उवि धमदाहा) का टीएलएम मॉडल शामिल है।
आदर्श ग्राम के साथ लाइफ जैकेट की प्रस्तुति
-कॉम्पिटिशन में उवि सौरा के मो. इब्राहिम ने आदर्श ग्राम का मॉडल प्रस्तुत किया।
- जवाहरलाल नेहरू स्मारक उवि गुलाबबाग की काजल ने प्लास्टिक की बोतल की मदद से लाइफ जैकेट का मॉडल प्रस्तुत की।
- इसमें अलग-अलग वजन के लोगों के लिए लाइफ जैकेट बनाया गया।
धमदाहा हाई स्कूल के मनीष कुमार ने टीएलएम और प्रिंस ने बाढ़ सूचक यंत्र को प्रस्तुत किया।
उवि कसबा की सिंधु भारती ने वाटर लेवल इंडिकेटर बनाया।
उत्क्रमित उवि ब्रह्मज्ञानी के शिवशंकर साह ने बायो गैस, अनचित साह उवि बेलौरी की सोनी टुडू ने वर्षा जल का संरक्षण, कलानंद उवि गढ़बनैली के लवलेश कुमार ने मिश्रित और मां काली उवि के सागर कुमार ने किचेन गार्डेन का मॉडल प्रस्तुत किया।लेबल: जरा हट के, हिंदी समाचार, Bihar, Children, Education, India, Poor, Purnia, Science, Scientist, Student, Technology, World