राज्य कैबिनेट के अहम फैसले, अब केबल टीवी देखना 35 रुपये हुआ महंगा

बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 20 एजेंडों को स्वीकृत किया गया। राज्य में केबल टीवी पर लगने वाले मनोरंजन टैक्स में तीन गुनी से भी अधिक बढ़ोतरी कर दी गई है। राज्य में प्रति केबल कनेक्शन 15 रुपए की बजाए अब 50 रुपए मनोरंजन टैक्स लगेंगे। इससे सरकार को सालाना 25 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। पटना में ही केबल उपभोक्ताओं की संख्या 2.5 लाख है, जबकि पूरे राज्य में 10 लाख। 

- केबल ऑपरेटर बढ़े हुए टैक्स का बोझ आम उपभोक्ता से ही वसूलेंगे। इस फैसले को शराबबंदी की वजह से होने वाली टैक्स क्षति की भरपाई की कोशिश से जोड़ कर देखा जा रहा है।
- हालांकि कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि केबल कनेक्शन पर मनोरंजन कर की मौजूदा दर वर्ष 2007 से चली आ रही थी।
- चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने 22000 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। वाणिज्य कर विभाग को मनोरंजन कर के रूप में अधिकतर राजस्व डिश टेलीविजन और केबल कनेक्शन से ही मिलता है।
- आंतरिक स्रोतों को चिह्नित करते हुए टैक्स की मौजूदा व्यवस्था में परिवर्तन किया जाना जरूरी हो गया था।

बजट में योजना और गैर योजना मद का अंतर खत्म
- राज्य बजट में योजना और गैर योजना मद का अंतर खत्म कर दिया गया है।
- बदली हुई व्यवस्था में सरकार राज्य के खर्च को योजना और गैर योजना की बजाए अब चार श्रेणियों में दिखाएगी।
- अगले वर्ष से बजट में गैर योजना मद का नाम बदल कर स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय के रूप में दिखाया जाएगा।

जीएसटी में पंजीयन के लिए अनिवार्य होगा पैन नंबर
- जीएसटी में पैन के आधार पर कारोबारियों को निबंधन संख्या आवंटित किया जाना है।
- इसलिए वाणिज्य कर में पंजीयन के लिए पैन को अनिवार्य किया गया है।
- लेकिन विलासिता और मनोरंजन कर के आवेदन में पैन का ब्लॉक नहीं है।
- इसलिए वैट नियमावली में संशोधन करते हुए विलासिता और मनोरंजन कर के आवेदन में भी पैन अनिवार्य कर दिया गया है।

कारोबारियों को मिलेगा फॉर्म सी व एफ में सुधार का मौका
- प्रदेश के एक लाख से अधिक कारोबारियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें 10 अक्टूबर 2015 से पूर्व ऑनलाइन निर्गत केंद्रीय फॉर्म सी और एफ में संशोधन का करने का मौका मिलेगा।
- इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इससे पहले निर्गत ऑनलाइन दोनों फाॅर्म में डम्मी देखने का प्रावधान नहीं था।
- अगर फार्म भरने में कोई गड़बड़ी हो जाती थी तो उसमें संशोधन करने का कोई प्रावधान वाणिज्य कर अधिनियम में नहीं था। इससे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
- हालांकि वाणिज्य कर विभाग ने 10 अक्टूबर 2015 को साफ्टवेयर में परिवर्तन कर आवेदन की डम्मी की व्यवस्था कर दी थी। कारोबारी फार्म भरने के 48 घंटे बाद फाइनल आवेदन ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं।
- फार्म सी बिहार से बाहर से माल मंगवाने वाले कारोबारियों को देना पड़ता है। जबकि एफ स्टॉक ट्रांसफर वाले कारोबारियों को देना पड़ता है।

क्या हैं ये फॉर्म
- फार्म सी दूसरे राज्य से माल मंगवाने वालों को देना पड़ता है। 
- फॉर्म एफ स्टॉक ट्रांसफर करने वालों भरना पड़ता है।

जानिए राज्य कैबिनेट के अन्य फैसले...
कैबिनेट की  बैठक में  बांग्लाभाषी विद्यार्थियों को भी अब  मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम  श्रेणी से उत्तीर्ण होने पर 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी इस योजना का लाभ लेनेवाले छात्र या  छात्रा का मैट्रिक की परीक्षा में एक विषय बांग्ला होना चाहिए

रुसा के लिए एक सौ करोड़ स्वीकृत : राष्ट्रीय  उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के तहत एक सौ करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष  में खर्च किये जायेंगे इसके लिए 60 करोड़ रुपये केंद्रांश और 40 करोड़  रुपये राज्यांश मद से होगा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जैसे जैसे  केंद्रांश मद की राशि मिलेगी, वैसे वैसे केंद्रांश की राशि की समानुपातिक  राज्यांश मद की राशि स्वीकृत की जायेगी

- केंद्र प्रायोजित पीएम कृषि योजना पर ड्रॉप मोर क्रॉप के तहत 64.66 करोड़ 
- आइजीआइएमएस के लिए 120 करोड़ रुपये 
-पांच साल से ड्यूटी से गायब रहनेवाले नवादा के  डाॅ दिलीप कुमार बरखास्त 
-जहानबाद के कुदरा में एनएच को छह लेन करने के लिए 0.10 एकड़ जमीन देने का निर्णय
-वैट  संशोधन के साथ फॉर्म सीएच-एक में संशोधित करते हुए 111 बिहार वैट करने का  निर्णय इससे डेवलपर्स को कर दायित्व के निर्वहन में सहूलियत होगी
-अराजकीय प्रस्वीकृत 609 मदरसों के 16 मदरसों के नाम में त्रुटि दूर करने का निर्णय
-पांच साल तक ड्यूटी से गायब रहने पर रोसड़ा की चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ रीना वर्मा बरखास्त 
-उदय योजना के तहत बिजली वितरण कंपनियों के लिए 3109.05  करोड़ रुपये मंजूर, इससे फीडर व वितरण टैरिफ ट्रांसफाॅर्मर का  अनिवार्य मीटरीकरण, कंज्यूमर इंडेक्सिंग व जीआइएस मैपिंग की जायेगी


राज्य  सरकार ने अब सौ से अधिक आबादीवाले 13786 टोलों को बारहमासी सड़क से जोड़ने का  फैसला किया है इसके लिए सरकार नाबार्ड से वित्तीय मदद लेगी नाबार्ड से ऑफ बजट वित्तीय सहायता के लिए सैद्धांतिक सहमति का निर्णय बुधवार को  कैबिनेट की बैठक में लिया गया यह मुख्यमंत्री सात निश्चयों में शामिल है कैबिनेट सचिव ब्रजेश  मेहराेत्रा ने बताया कि 13786 टोलों की 12500 किमी सड़क का पक्कीकरण होगा  नाबार्ड इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में वित्तीय मदद करेगा

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