सुपौल: छातापुर में आपदा प्रबधन का बिशेष कार्यशाला का आयोजन

सोनू कुमार / रवि रौशन। छातापुर (सुपौल). प्रखण्ड कार्यालय स्थित ललित नारायण मिश्र सभा भवन में आपदा प्रबधन  का बिशेष कार्यशाला का आयोजन शनिवार को किया गया । जिसका विधिवतउ द्घाटन बीडीओ परवेज आलम ने दीप प्रजवलित कर किया । आयोजित कार्यशाला के माध्यम से आपदा प्रबंधन के पदाधिकारी ने प्रतिभागियों को बिभिन्न प्रकार के आपदा से बचने के गुर बताये । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रखंड क्षेत्र के जनप्रतिनधि , युवा ,छात्र ,छात्राए  ,कृषक आमजन आदि भाग लिए । आपदा प्रबंधन के शम्भू  चौधरी ने कहा कि किसी प्रकार की आपदा प्रकृति के नियम के साथ छेड़ छाड़ से होती है । इस लिए मानव को चाहिए की प्रकृति के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़ छाड़ न करे । कासा के तत्वाधान में आयोजित इस जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन कार्यक्रम का नेतृत्व कासा के प्रोजेक्ट कॉडिनेटर एंथोनी दास ने की । प्रोजेक्ट कॉडिनेटर श्री दास ने बताया कि वर्ष 2008 में आयी प्रलयकारी बाढ़ में भी वे प्रखण्ड क्षेत्र के लोगो के मदद हेतु तत्पर बने रहे थे । जिसके तहत आर्थिक सहायता ,दक्षता निर्माण ,राहत कोष ,आदि कार्य पंचायत स्तर पर चलाया गया । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यापक रूप से जलवायु परिवर्तन हो रहा है । जिसके कारण किसान जहा सुखाड़ की चपेट में आ रहे है ,आमजन बारिश के लिए त्राहिमाम करते है ,मौसम का मिजाज एकाएक बदलना आदि इसी के लक्षण है ।
उन्होंने बताया की आपदा प्रबंधन द्वारा जलवायु परिवर्तन को काम करने हेतु लोगो को जागरूक करने के उदेश्य से  प्रखंड स्तर पर यह मुहीम चलाया है । ताकि अधिकाधिक लोग प्रशिक्षण पाकर जलवायु परिवर्तन होने से बचाने में सहयोगी बन सके । उन्होंने जलवायु परिवर्तन तथा बचाव के प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा की जलवायु परिवर्तन का अर्थ है ग्रीन हाउस के गेसो में बदलाव ।
उन्होंने वायु परदुषण का कारण का जिक्र करते हुए कहा की बिजली की अधिक खपत ,कृषि कार्य में रासायनिक खादों का भारी मात्रा में उपयोग ,ऐसी ,फ़्रीज सहित दिन रात ताबड़ तोड़ वाहनों का चलते रहना ही मुख्या कारण है । उन्होंने बताया कि इसी के कारण वायु के ताप में व्यापक बढ़ोतरी हो जाती है जिससे की जलवायु परिवर्तन से जूझना पड़ता है । जलवायु परिवर्तन के कारण ही असामयिक वर्षा ,गर्मी ,ठण्ड ,सहित किसानों को सुखाड़ आदि की समस्याओ से दो चार होना पड़ता है । कार्यक्रम को बीडीओ श्री आलम ने संबोधित करते हुए कहा की आपदा प्रबंधन से जुडी जानकारी मानव को निश्चित रूप से लेना चाहिए । जिसके तहत गांव समाज कि सुरक्षा करने की शक्ति उन्हें प्राप्त होती है । उन्होंने कहा की आपदा से जुडी तमाम जानकारियो के बदौलत प्रतिभागी अपने अपने पंचायत में राहत बचाव का कार्य करते हुए जलवायु परिवर्तन को कम करने हेतु लोगो को जागरूक भी करेंगे । ताकि आयोजित कार्यशाला को पूर्ण सफलता प्राप्त हो सके । कार्यशाला में आपदा प्रबधन के कर्मियों द्वारा जलवायु परिवर्तन पर आधारित नाटक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया । जिसमे  कासा के हरि आदि की सराहनीय भूमिका रही । कार्यशाला समापन के बाद प्रतिभागी छात्र छात्राओ सहित युवाओ को बीडीओ परवेज आलम ने प्रमाण पत्र प्रदान किया । इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे ।  
समाचार सहयोगी : संजय कुमार भगत । 

लेबल: , , , , , , ,