हैप्पीनेस जंक्शन। भारतीय रेल का पहला जंक्शन, जहां लोगों को खुशियां मिलती हैं। जी हां, आपको एक बार यह सुनकर हैरानी जरूर होगी कि रेलवे स्टेशन पर खुशियां कैसी मिल सकती हैं। लेकिन, सोनपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम दिलीप कुमार की पहल की वजह से यह संभव पाया है हो। दिलीप ने सोनपुर रेलवे स्टेशन पर हैप्पीनेस जंक्शन की शुरुआत की है.... दरअसल, यहां एक बोर्ड टांगा गया है जिसका नाम रखा गया है हैप्पीनेस जंक्शन। बोर्ड पर लिखा है- 'अपनी जरूरत की कोई भी एक वस्तु यहां से ले जाएं। जो आपके पास अधिक है यहां छोड़ जाएं। '
जानिए क्या है इस का मकसद ...
इस जंक्शन का मकसद सीनियर डीसीएम दिलीप कुमार ने बताया। उन्होंने कहा- हैप्पीनेस जंक्शन में सुनिश्चित जगह पर सामर्थ्यवान व्यक्ति यथाशक्ति अपनी अनुपयोगी वस्तुओं जैसे कपड़ों को दान के रूप छोड़ सकते हैं। N इसका उपभोग जरूरतमंद अपनी आवश्यकता अनुसार कर सकते हैं। इस तरह न दान देने वालों को कोई हिचक होगी, न लेने वालों को ऐतराज होगा। लोग चुपके से दान दे सकेंगे और चुपके से जरूरत का सामान ले भी सकेंगे। देने वाला पुण्य कमाएगा, लेने वालों के चेहरे पर खुशियां भर आएंगी। यहां एक और बोर्ड लगा है जिस पर अखबार और मैगजीन टांगे गए हैं। इस पर लिखा है- यहां प्रदर्शित पत्र-पत्रिकाएं और पुस्तकें आप पढ़ सकते है। पढ़ने के बाद इसे यथास्थान रख दें।
सोनपुर मंडल की पहल
हैप्पीनेस जंक्शन की शुरुआत करते हुए डीआरएम मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि यदि हमारे अनुपयोगी सामानों का उपयोग कर किसी व्यक्ति के चेहरे पर खुशी आ जाती है तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता। यह पहल पूरे भारतीय रेलवे में सबसे पहले सोनपुर मंडल द्वारा की जा रही है। आशा है कि जनमानस से सराहना मिलेगी। इस मौके पर एडीआरएम आरपी मिश्रा सहित कई विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद थे। अफसरों ने बताया कि जल्द ही कुछ और बड़े स्टेशनों पर हैप्पीनेस जंक्शन की शुरुआत की जाएगी।लेबल: जरा हट के, हिंदी समाचार, Bihar, India, Railway, Sonpur