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| बैठक में उपस्थित लोग |
बिहार के बगहा में लोगों ने हिंदु-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल पेश की है। दशहरा के पर्व को देखते हुए मुस्लमानों ने मुहर्रम के त्योहार की तिथी को एक दिन बढा दिया तो हिन्दुओं ने भी ताजिया जुलुस में बढ़-चढ़ कर भाग लेने की बात कही।
पर्व को लेकर हुई बैठक में अल्पसंख्यकों ने आपसी सौहार्द और विधि-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए अपने पर्व की निर्धारित तिथि को एक दिन आगे ही बढा दिया।
अब शहर के मुसलमान हिन्दुओं के साथ मिलकर दुर्गापूजा और दशहरा मनायेंगे तो हिन्दू भी मुस्लिम भाईयों के साथ मिलकर मुहर्रम। शहर के मोहम्मद आलम, अब्दलु गफ्फार ने बताया कि हमलोगों ने तय किया है कि 12 अक्टूबर तक दुर्गापूजा का पर्व मिल कर मनायेंगे और मूर्ति विसर्जन के बाद हिन्दुओं के साथ मिलकर मुहर्रम मनायेंगे।
शहर में ये संभव एक नये आईएएस और शहर के एसडीएम धर्मेंद्र प्रसाद की पहल पर हो सका।
अनोखी पहल करने वाले आईएएस अधिकारी बगहा के एसडीएम धर्मेन्द्र कुमार का मानना है कि छोटे से कस्बे से निकले बडे संदेश को राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश तक पहुंचाने की जरुरत है ताकि धर्म को आड़ में लेकर माहौल खराब करने वाले तत्वों को सबक मिल सके।
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