शराबबंदी का असर : मां के दर्शन से पहले संदेश, 'अब नहीं..कभी नहीं'

बिहार में जारी शराबबंदी का असर इस बार दशहरा में पूजा पंडालों पर भी देखने को मिल रहा है। बिहार के पूर्णिया शहर में श्रीधाम पूजा समिति ने इस बार पूजा शराबबंदी की थीम पर मनाने का निर्णय लिया और पंडाल को ऐसा रूप दिया जो इस वक्त सुर्खियों में है। इस पंडाल के जरिए नीतीश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी शराबबंदी का संदेश दिया जा रहा है। पंडाल के मुख्य द्वार को शराब की विभिन्न ब्रांड की बोतलों के आकार में बनाया गया है। उसे क्राॅस कर एक खास संदेश भी दिया जा रहा है।

जानिए क्या है मैसेज...
- पंडाल को क्रॉस कर संदेश लिखा गया है कि अब शराब नहीं, ...कभी नहीं।
- समिति के अध्यक्ष बापन साहा कहते हैं कि लोगों को शराब छोड़ने के लिए ही इस थीम पर पंडाल बनवाया गया है।

आधुनिकता के साथ बदला पंडालों का रूप
- आधुनिकता के साथ दुर्गा पूजा पंडालों का स्‍वरूप भी बदला है। पारंपरिक पूजा पंडालों का स्थान अब थीम आधारित पंडालों ने ले लिया है।
- पिछले कुछ सालों में थीम आधारित पंडालों का चलन बढ़ा है। पूजा समितियां इसे खास तव्वजो दे रही हैं।
- इस बार भी शहर में अलग-अलग थीम पर आकर्षक पूजा पंडाल तैयार हैं। इनमें शहर के सराय में श्रीधाम पूजा समिति द्वारा बनवाया गया पूजा पंडाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
- श्रीधाम पूजा समिति के अध्यक्ष बापन साहा कहते हैं कि लोगों को शराब जैसी बुराई को छोड़ने के लिए ही इस थीम पर पंडाल तैयार करवाया गया है।
- पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं की पहली नजर मुख्यद्वार पर ही पड़ती है। जिसे देखकर उन्हें भी एहसास होगा कि मां के दरबार में जाने से पहले वे भी संकल्प लें कि शराब को हाथ नहीं लगाएंगे। 
- इस पंडाल का निर्माण बंगाल से आए कलाकारों द्वारा पिछले कई दिनों से किया जा रहा था। गुरुवार को इस पंडाल को अंतिम रूप दे दिया गया। पंडाल में शुक्रवार की रात प्रतिमा भी पहुंच जाएगी।

थीम आधारित पूजा पंडालों का प्रचलन बढ़ा
- नवरात्र पर अब थीम आधारित पूजा पंडालों का प्रचलन भी बढ़ता जा रहा है।
- कहीं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया जा रहा है तो कहीं सेना के शौर्य का प्रदर्शन किया जा रहा है।
- रजनी चौक पर बने पूजा पंडाल में थाईलैंड की झलक देखने को मिल रही है।
- रजनी चौक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष दिवाकर चौधरी और सचिव मनोहर लाल ने बताया कि प्रत्येक साल कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है।
- इस बार बौद्ध मंदिर के अलावा देश की सरहद की रक्षा करने वाले जवानों के दृश्य को पंडालों में खासकर दिखाया गया है।

- बच्चों के मनोरंजन के लिए मुर्गा, मेढ़क, हवाईजहाज, हेलीकॉप्टर, भूत बंगला, जीवित पुतला, जीवित सांप के बीच आदमी को दिखाया जाएगा।

राजधानी पटना में भी कुछ पूजा पंडालों में नीतीश की शराबबंदी की मुहिम का असर थीम से लेकर डेकोरेशन तक में देखने को मिल रहा है

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