खुले में शौच के खिलाफ अभियान देशभर में चल रहा है। इसी कड़ी में बिहार के बक्सर के डीएम रमण कुमार ने अपने जिले के एक प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए अनोखा संकल्प लिया है। उन्होंने केसठ प्रखंड को पूर्ण स्वच्छ होने तक अन्न नहीं करने का संकल्प लिया है।
कार्य की अनोखी शैली के के तहत उन्होंने 21 नवंबर को अन्न छोड़ दिया और तब से केवल फलाहार कर रहे हैं। उनका संकल्प 30 नवंबर तक प्रखंड को खुले में शौच से मुक्त कराना है।
स्वच्छ भारत मिशन तथा लोहिया स्वच्छता योजना के तहत तीन पंचायतों वाले केसठ प्रखंड को जिले का पहला शौचमुक्त प्रखंड बनाने के लिए चुना गया है। इसके तहत अबतक प्रखंड के आधा दर्जन वार्डों को ओपन डिफिकेशन फ्री (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। हालांकि, अब भी यहां सैकड़ों ऐसे घर हैं, जिनमें शौचालय नहीं है।
अन्न छोडऩे के अपने संकल्प पर डीएम ने कहा कि स्वच्छता की लड़ाई का महत्व देश की स्वतंत्रता की लड़ाई जैसा है। इसे सिस्टम के पांरपरिक तौर-तरीकों से नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि यह काम करने की उनकी कार्यशैली है, जिससे मातहत भी प्रेरित होंगे और समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने का उनपर दबाव रहेगा।
उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में गंगा किनारे मौजूद पांच प्रखंडों के 17 पंचायतों को स्वच्छ व शौचमुक्त घोषित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस क्रम में उमरपुर पंचायत को शौचमुक्त करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगामी 30 नवम्बर तक 10 से 12 पंचायतों के अलावा केसठ प्रखंड को पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त करना उनका लक्ष्य है। इसके बाद ही वे अनाज ग्रहण करेंगे।लेबल: जरा हट के, हिंदी समाचार, Bihar, Buxar, Clean, DM, India