बिहार के मिथिलांचल की पहचान कभी सिर्फ प्राचीन मधुबनी पेंटिंग की वजह से थी, लेकिन आज यहां के मधुबनी पेड़ों की चर्चा हो रही है। कभी यहां पेड़ों की कटाई जोरों पर थी। शिकायत के बावजूद भी पेड़ों की कटाई थम नहीं रही थी तो महिलाओं और बच्चियों ने ही उपाय निकाला। मधुबनी पेंटिंग ही हथियार बन गई। इन महिलाओं और बच्चियों ने पेड़ों को धार्मिक थीम पर मधुबनी पेंटिंग से सजा दिया। ये पेड़ के तने को हिंदू देवी देवताओं के रंगीन चित्रों से सज़ा देते हैं।
16 वीं सदी की इस कला में आम तौर पर कृष्ण, राधा, दुर्गा और सरस्वती जैसे हिंदू देवी-देवताओं का चित्रण किया जाता था। अब किसी पेड़ पर कृष्ण लीलाएं हैं तो किसी पेड़ पर राम दरबार सजा है। जैसे ही आप मधुबनी जिले से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर गुजरेंगे तो आप रामपट्टी से राजनगर के रास्ते में पांच किलोमीटर के दायरे में इसी तरह पेड़ों को चित्रों से सजा हुआ पाएंगे। अब तो सड़क से गुजरने वाले लोग अपने वाहन रोककर इन पेड़ों के साथ सेल्फी लेते हैं।
प्रयोग इतना सफल रहा है कि पेड़ों का कटना थम गया है। मधुबनी में पेड़ों पर मनमोहक चित्रकारी देखकर दूसरे लोग भी जागरूक रहे हैं हो। सड़क के दोनों ओर का नजारा तो अपने आप ही खूबसूरत बन गया है। पेड़ों पर पेटिंग बनाने की इस मुहिम में मंगरौनी निवासी कुमारी प्रिया, लहेरियागंज की ममता झा जैसी दर्जनों महिलाएं और किशोरियां जुड़ी हैं। चकदह गांव की कलाकार सिया देवी कहती हैं- यूं भी पेड़ों को देवता मानकर पूजा जाता है। ऐसे में पेड़ों को ईश्वर की लीलाओं से ही सजाया गया है ताकि लोग इन पर कुल्हाड़ी न उठाएं।
तीन साल पहले शुरुआत, नतीजों से अब सरकार भी हैरान
पेड़ों को बचाने के लिए मधुबनी पेंटिंग का आइडिया यहां की एक स्वयंसेवी संस्था ग्राम विकास परिषद के सचिव षष्ठीनाथ झा को आया। उन्होंने ही महिलाओं और बच्चियों को इस मुहिम से जोड़ा। शुरुआत 2013 में हुई थी, नतीजे अब सामने आ रहे हैं। प्रशासन भी नतीजों से हैरान है। मधुबनी में पांच किमी का यह रास्ता लोगों को आकर्षित कर रहा है। जगतपुर निवासी रानी झा ने बताया कि हम सबसे पहले पेड़ के तने पर चूना पोतते हैं ताकि कीड़े- मकोड़े मर जाएं। इससे सफेद बेस भी तैयार हो जाता है। इसके बाद उस पर पेंट से धार्मिक थीम जैसे राम, सीता, कृष्ण, बुद्ध या महावीर के अलावा तुलसी, पीपल, देवालय आदि का चित्र बनाते हैं। एक पेटिंग बनाने में कम से कम 5-6 घंटे लग जाते हैं।लेबल: जरा हट के, हिंदी समाचार, Art, Bihar, Children, Environment, Hindu, India, Madhubani, Religion, Security, Tree, Women, World