भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में बिहार पवेलियन को लगातार तीसरी बार मिला गोल्ड मेडल


बिहार का परचम एक बार फिर लहरा रहा है। मिथिलांचल की विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प की दो विधाओं मिथिला पेंटिंग और सिकी कला ने बिहार का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में बिहार मंडप को गोल्ड मेडल से नवाजा गया है।

दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में लगातार तीसरी बार बिहार मंडप को सर्वश्रेष्ठ आंका गया है। मंडप को राज्य के हस्तशिल्पों से खूबसूरती से सजाने तथा व्यवस्थित आयोजन के लिए गोल्ड मेडल मिला। यह सम्मान मिथिलांचल की हस्तशिल्प की दो विधाओं मिथिला पेंटिंग और सिकी कला ने दिलाया है।

पूरे पवेलियन का आवरण इन्हीं दो कलाओं से सुसज्जित था। केन्द्र सरकार के इंटरनेशनल ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन ने शनिवार को बिहार पवेलियन को गोल्ड मेडल दिए जाने की घोषणा की। रविवार को समापन समारोह में बिहार को यह सम्मान मिलेगा। 36 साल से लग रहे इस ट्रेड फेयर में बिहार मंडप को 2014 से पहले दूसरा अथवा तीसरा स्थान भी नहीं मिल पाया था।

लेकिन वर्ष 2014, फिर 2015 और अब 2016 में गोल्ड मेडल मिलना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उपेंद्र महारथी शिल्प एवं अनुसंधान संस्थान 2014 से ही बिहार पवेलियन की कार्यान्वयन एजेंसी रही है। संस्थान द्वारा बिहार पवेलियन की व्यवस्था संभालने के बाद से ही इसे लगातार पुरस्कार मिल रहे हैं। सिकी और मिथिला पेंटिंग के कलाकार पिछले एक महीने से बिहार मंडप के निर्माण में जुटे थे।

बिहार मंडप में ये था खास 
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में देश के सभी राज्यों में अपने मंडपों को बेहतरीन बनाने की होड़ के बीच बिहार मंडप कई कारणों से आगंतुकों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। बिहार पवेलियन में सीकी आर्ट, स्टोन आर्ट, टेराकोटा के लाइव डेमो आकर्षण के केन्द्र बने रहे।

'डिजिटल इंडिया' के थीम पर बना बिहार पवेलियन मेले में आने वाले लागों को अपनी भव्यता से लुभाता रहा। पवेलियन में प्रवेश करते ही थीम हाल में सीकी आर्ट के बने 200 लैंप एवं ग्लास के बने डिजिटल बिहार की बेहतरीन थीम दर्शकों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनी रही। गुरु गो¨वद सिंह की 350 वीं जयंती पर आयोजित होने वाले प्रकाश पर्व और चम्पारण सत्याग्रह के 100 वें वर्ष के कार्यक्रम की जनकारी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 7 निश्चय की प्रदर्शनी भी मंडप को स्कोर कराने में अव्वल रहे।

खूबजुट रही भीड़ 
बिहार पवेलियन में उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के स्टाॅल पर जूट आर्ट, लाह की चूड़ियां और सिल्क साड़ी पर बनी मिथिला पेंटिंग को देखने खरीदारी के लिए भारी भीड़ जुट रही है। दरभंगा के लाला पंडित की क्ले आर्ट कैमूर के फिरंगी लाल की पत्थर नक्काशी कला लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। फिरंगी लाल बिना पत्थर में तोड़-फोड़ किए, एक हाथी में तीन हाथियाें का निर्माण करते हैं। बिहार पवेलियन के थीम हॉल, लाइव डेमो स्थल, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के म्यूजियम सहित पवेलियन के विभिन्न हिस्सों के साथ फूड कोर्ट में राजू लिट्टी वाले के स्टॉल पर भारी भीड़ जुट रही है।

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