पुरुष टीम ने दिवाली के दिन पाकिस्तान को 3-2 से हराकर एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब दूसरी बार अपने नाम किया और अब शनिवार को भारत की महिला टीम ने चीन को 2-1 से हराकर यह खिताब पहली बार जीता। फाइनल में खेलने उतरी दोनों टीमों अपने पहले खिताब के सपने के साथ मैदान पर आईं थीं, लेकिन भारतीय महिलाओं ने चीन के इस सपने को पूरा नहीं होने दिया।
चीन के खिलाफ भारतीय महिला टीम को कैसे मिली जीत...
4th एशियाई वुमंस हॉकी ट्राफी के फाइनल में चीन और भारत की टक्कर बराबरी की मानी जा रही थी। मैच के दौरान हुआ भी ऐसा ही। हालांकि, 13वें मिनट में बढ़त भारत को मिली। स्ट्राइकर दीप ग्रेस एक्का ने पेनाल्टी कॉर्नर लेते वक्त तेजी दिखाई। उन्होंने चीन की गोलकीपर और तीन डिफेंडरों को चकमा देते हुए बॉल गोल पोस्ट में डाल दी। हाफ टाइम तक भारत ने लीड कायम रखी। लेकिन दूसरे हाफ के 44वें मिनट में चीन ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। तीसरे और चौथे क्वार्टर के दौरान दोनों टीमों ने एक दूसरे के गोल पोस्ट पर कई हमले किए लेकिन स्कोर नहीं कर पाईं। जब ऐसा लग रहा था कि मैच टाईब्रेकर में जाएगा। तभी दीपिका ने तेजी दिखाते हुए आखिरी मिनट में चीन पर दूसरा गोल कर दिया। भारत की जीत इल लिहाज से खास हो जाती है कि शुक्रवार को इसी टीम के खिलाफ लीग मैच में उन्हें 2-3 से हार मिली थी।
पुरुष हॉकी टीम ने दिया था देश को दिवाली का तोहफा
31 अक्टूबर को एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान 3-2 से हरा दिया था। 18वें मिनट में भारत की तरफ से पहला गोल रुपिन्दर पाल सिंह ने, जबकि 23वें मिनट में दूसरा गोल अफान यूसुफ ने किया था। तीसरा गोल निकिन थम्मैया ने किया था। स्टेडियम में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे थे।लेबल: हिंदी समाचार, China, Hockey, India, Man, Pakistan, Sports, Women, World