पांच सौ और एक हजार रुपए के पुराने नोट शनिवार को नहीं बदले जाएंगे। हालांकि बुजुर्गों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए कल सिर्फ बुजुर्ग ही अपने नोटों को बदल सकेंगे। जी हां, बुजुर्गों की समस्या को ध्यान में रखते हुए इंडियन बैंक एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि कल सिर्फ बुजुर्ग ही पैसे बदलवा सकेंगे। बैंकों ने अपने लंबित काम को निपटाने के लिए एक दिन पुराने नोट न बदलने का फैसला किया है।
माना जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में पुराने नोट बदलने की सुविधा को बंद कर सकती है। बैंकों का यह कदम इसी दिशा में है। इस बारे में भारतीय बैंक संघ (आइबीए) ने बैंकों निर्देश दे दिया है। वैसे, कुछ बैंकों ने कहा है कि वे सिर्फ अपने ग्राहकों के नोट बदलेंगे।
आइबीए के अध्यक्ष राजीव ऋषि ने कहा कि शनिवार को बैंक की शाखाओं पर पुराने नोट नहीं बदले जाएंगे। सिर्फ वरिष्ठ नागरिक अपने नोट बदल सकेंगे। बैंक की शाखाओं पर शनिवार को अन्य सभी कार्य होते रहेंगे। बैंक अपने लंबित कार्यों को निपटाएंगे।
इस फैसले के बारे में सरकार को भी बता दिया गया है। नोट बदलने वालों की अंगुली पर स्याही का निशान लगाए जाने के बाद बैंक के बाहर लगी कतारें 40 प्रतिशत तक छोटी हो गई हैं।
भारतीय स्टेट बैंक की मुखिया अरुंधती भट्टाचार्य का कहना है बैंकों का अनुभव यह बताता है कि लोग नोट एक्सचेंज करने के बाद अपने खाते से पैसा निकाल रहे हैं। इससे बैंकों के सामने काफी भीड़ जमा हो रही है।
हम कह रहे हैं जब आपके पास बैंक खाता है तो क्यों नहीं सारा पैसा उसमें जमा कराते और फिर पैसा निकाल रहे हैं। इससे बाजार में बेमतलब का पैसा की किल्लत जैसी स्थिति पैदा रही है हो।
नोट बदलने की सुविधा हो सकती है बंद
सूत्रों का कहना है कि सरकार आने वाले दिनों में पुराने नोट बदलने की सुविधा को धीरे-धीरे बंद कर सकती है। माना जा रहा है कि शनिवार को बैंकों में नोट न बदले जाने की घोषणा इसी दिशा में कदम है। इसके पीछे एक अहम वजह रिजर्व बैंक के पास नोटों का अभाव भी है।
बैंकों में जिस तरह से नए नोटों की मांग आ रही है, उसे देखते हुए यह फैसला किया गया है। एक दिन पहले ही केंद्र ने एक बार में पुराने नोट एक्सचेंज करने की सीमा 4,500 रुपए से घटा कर 2,000 रुपए कर दी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में 500 रुपए और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने आम लोगों को नौ नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट एक बार में सिर्फ 4,000 रुपए तक बदलने की इजाजत दी।
बाद में इसे बढ़ाकर 4,500 रुपए कर दिया। इस निर्णय के बाद बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी लगीं। सरकार को ऐसी सूचना मिली कि मात्र कुछ ही लोग बार-बार कतारों में खड़े होकर अपने नोट बदल रहे हैं। इसके चलते बहुत से ग्राहकों को बैंकिंग सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके बाद सरकार ने गुरुवार को नोट बदलने की सीमा घटाकर दो हजार रुपए कर दी।लेबल: हिंदी समाचार, Bank, India, Money