नौंवी के दो छात्रों ने किया कमाल 4 महीने में बना डाले 4 मोबाइल ऐप, प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध

अक्सर बोर्ड एग्जाम से पहले बच्चों को मोबाइल से खेलते हुए देख कुछ ऐसे ही प्रतिक्रियाएं घर वालों से मिलती हैं : मोबाइल में दिनभर क्यों चिपके रहते हो? सिर्फ पढाई पर ध्यान दो। मगर बिहार के भागलपुर शहर के दो बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने इस छोटी सी उम्र में सिर्फ चार महीने में चार मोबाइल एेप बना डाले हैं। ये हैं नौवीं के छात्र - संत जोसेफ के शशांक सिन्हा अौर दिल्ली पब्लिक स्कूल के आर्याभ।

कोचिंग में साथ पढ़ रहे इन दोनों ने कंप्यूटर और मोबाइल के शौक को पैशन में बदला अौर इंटरनेट की मदद से इतने कम समय में ऐप बना डाला। विंग्स सीरीज के ये ऐप हैं-फ्रेंड विंग्स, टेक विंग्स, साउंड विंग्स और पिक विंग्स। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं।

आर्याभ और शशांक ने बताया कि हमें ये ऐप्स बनाने का शौक अपनी इंटरेस्ट से जगा। हम फेसबुक-व्हाट्स ऐप यूज करते थे। मगर इस बीच खबर पढ़ी कि फेसबुक से लोगों का इंटरेस्ट कम हो रहा है और व्हाट्स ऐप यूज करने पर अगले साल से पैसे चार्ज किये जाएंगे। तब हमारे मन में ख्याल आया कि क्यों न एक ऐसा ऐप बनाएं जो इंटरेस्टिंग हो और इसके यूजर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाए। फिर हमारा देसी ऐप होगा। इसके लिए कोडिंग नेट, आईटी की पुस्तकें, गूगल और यू-ट्यूब पर वीडियो देखा।

हमने अपने फ्रेंड्स और रिलेटिव्स से ही जानकारी ली कि वे किस-किस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इसमें हमने पाया कि लोग चैटिंग, म्युजिक, इंफोटेनमेंट, और फोटोज के लिए ही अधिकतर ऐप का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद हमने विंग्स सिरीज बनाने की सोची। इसमें चैटिंग के लिए फ्रेडविंग्स, म्युजिक के लिए साउंडविंग्स, इंफोटेनमेंट के लिए टेक्विंग्स और फोटो के लिए पिक विंग्स ऐप बनाया।

किस ऐप की क्या है खासियत

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