गरीब किसान के बेटे ने नए डिवाइस का किया निर्माण, एक मिस्ड कॉल पर बत्ती गुल

कहते हैं कि प्रतिभा कभी संसाधन की मोहताज नहीं होती। अगर आप घर से ऑफिस चले गये और घर की बिजली ऑफ नहीं की तो घबराइए नहीं। अब आप कहीं से भी केवल एक मिस्ड कॉल की कीजिए घर की बत्ती गुल हो जायेगी। यही नहीं मिस्ड कॉल के जरिये घर, प्रतिष्ठान या बड़े संस्थान की बिजली ऑफ और ऑन कर सकते हैं। बस मोबाइल नेटवर्क रहना चाहिए। जी हां, बिहार के सुपौल स्थित निर्मली प्रखंड के कमलपुर गांव निवासी स्नातक प्रथम खंड में अध्ययनरत सुभाष कुमार ने इस डिवाइस को बना कर इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। इसे लेकर सुभाष की लोग जम कर तारीफ कर रहे हैं।

सुभाष के इस खोज से लोग हैरान और अचंभित हैं। उन्हें आश्चर्य हो रहा कि आखिर किस तरह से सुदूर और सुविधाविहीन क्षेत्र में मोबाईल के जरिये कितने भी पावर के विद्युत धारा को मोबाइल से कंट्रोल किया जा सकता है।

आइए देखें ... कैसे बनाया डिवाइस
सबसे पहले यह जानना चाहेंगे कि कौन है सुभाष और उन्होंने इस करामती डिवाइस को कैसे बनाया। सुभाष की मानें तो उन्होंने इसके लिए ईसीसीएम डिवाइस का आविष्कार किया है। यह डिवाइस काम भी करने लगा है। इस डिवाइस से विदेश से भी विद्युत को कंट्रोल किया जा सकता है। ईसीसीएम इलेक्ट्रिक करंट कंट्रोल बाय मोबाइल डिवाइस के आविष्कार सुभाष कहते हैं कि वह आर्थिक तंगी के कारण निर्मली से अंतर स्नातक उत्तीर्ण होने के बाद विद्युत हाउस वायरिंग का काम सीखने के लिए पिछले वर्ष पटना चला गया था। इसी बीच उसके मन में आइडिया आया कि जब स्विच से विद्युत कंट्रोल हो सकता तो फिर मोबाइल से क्यों नहीं। सुभाष ने इस आइडिया को अपने मन में रखा और वापस अपने घर आ गया।

पटना से सुपौल लौटने के बाद सुभाष डिवाइस के निर्माण में जुट गया। 10 माह की कड़ी मेहनत के बल पर उसने डिवाइस को मूल रूप भी दे दिया। आर्थिक तंगी से सुभाष का संघर्ष निर्मली अनुमंडल व प्रखंड कार्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र निर्मली के कमलपुर गांव निवासी सुभाष कुमार रमेश मेहता पुत्र हैं के। सुभाष की मां गांव की आशा है, जबकि उनके पिता पोलियो ड्रॉप पिलाने का काम करते हैं। आर्थिक तंगी से संघर्ष करते सुभाष ने यह कारनामा कर दिखाया है।

नयी इजाद के तहत मोबाइल के द्वारा घर के बिजली के सारे उपकरणों को मोबाइल के मिस कॉल से बंद या चालू किया जा सकता है। दूर रह कर भी कंट्रोल होगा इलेक्ट्रोनिक उपकरण श्री मेहता बताते हैं कि उपकरण को बनाने के दौरान उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उपकरण को तैयार करने में सिम कार्ड, मोबाइल, बैटरी, एसी स्विच, पुश स्विच, सिग्नल लेड, चार्जिंग पिन, मोटर, चार्जर आदि की सहायता ली गयी है।

इस डिवाइस को दुनिया के किसी भी जगह से कंट्रोल किसी भी व्यक्ति के मोबाइल और सिम कार्ड से डिवाइस को नेटवर्क रहने पर कनेक्ट किया जा सकता है। इस डिवाइस को बिजली के ट्रांसफार्मर के पास भी लगाया जा सकता है। वहीं डिवाइस के मोटर पावर को बढ़ाने पर 11,000 वोल्ट को भी कंट्रोल किया जा सकता है। इस प्रकार के डिवाइस को एसी एवं डीसी दोनों तरह के पावर से कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन ध्यान यह रखना है कि इस उपकरण को सिर्फ एक ही रिंग से चालू और बंद किया जा सकता है यानि जिस किसी भी व्यक्ति का सिम कनेक्ट डिवाइस से होगा तो किसी दूसरे के मोबाइल से कनेक्ट सिम के नंबर पर अगर आप कही से भी मिस कॉल करेंगे तो आप आसानी से टीवी, बिजली पंखा, बल्ब आदि को आसानी से ऑन और ऑफ किया जा सकता है।

अब तो सुभाष की चर्चा पूरे गांव में होने लगी है और उन्हें उम्मीद है कि अब उनके अच्छे दिन आने वाले हैं। उन्हें सरकार की ओर से भी उम्मीद है कि इसमें वह सहयोग करेगी।

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