सच ही कहा है किसी ने, अगर हौसला बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नही होता, कल तक असहाय मानी जाने वाली महिलाएं अब हर क्षेत्र में पुरुषों के कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। ऐसी ही एक महिला बिहार के पूर्णिया की है, जो खुद ई-रिक्शा चलाती है और अपने परिवार के काम में भी हाथ बंटाती है। इसके अलावा ये बीमार और घायलों की समय पर मदद कर उसे अस्पताल भी पहुंचाती हैं।
पूर्णिया के हरदा मेहता टोल की सोनी देवी पिछले चार महीने से पूर्णिया में ई-रिक्शा चला रही हैं। जब भी मौका मिलता है वह बीमार लोगों और सड़क पर पड़े घायलों को बेझिझक अपने ई-रिक्शा पर बैठा कर अस्पताल भी पहुंचाती है। सोनी अपने पति के साथ चाय की दुकान में भी काम करती है।
सोनी का कहना है कि महिलाएं कभी भी असहाय नहीं होती, सिर्फ उनमें हौसला होना चाहिए। उनका कहना है कि शुरू में तो कुछ लोग छींटा-कशी करते थे, लेकिन अब लोग सराहना भी करने लगे हैं। सोनी के पड़ोसी का कहना है कि सोनी ई-रिक्शा चलाने के साथ समय पर समाजसेवा भी करती है। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को दहलीज से बाहर निकलकर इसी तरह हर क्षेत्र में आगे आना चाहिए, तभी सचमुच विकास होगा।
सोनी के पति वशिष्ठ चौधरी का कहना है कि सोनी ई-रिक्शा चलाने के अलावा घर और दुकान चलाने में भी उनकी मदद करती है। उन्होंने कहा कि दोनों का एक ही उद्देश्य है कि कमाकर अपने बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ाएं और बड़ा आदमी बनाएं।लेबल: जरा हट के, Bihar, Bihari, Business, Purnia, Women