मिसाल : बैंकों में छोटे नोट की किल्लत, 2 बच्चों ने गुल्ल्क तोड़ जमा कराए 13 हजार

किशनगंज. पांच सौ और हजार रुपये के नोट पर रोक लगने के बाद एक तरफ जहां कुछ लोग पुराने नोटों को बदलने और नये नोट लेने के लिए हर हथकंडे अपना रहे हैं। वहीं लोगों की जरुरतों को पूरा करने के लिए गांधी चौक निवासी बारह वर्षीय छात्रा राशि श्यामसुखा और सात वर्षीय छात्र मौलिक श्यामसुखा ने अपने बचत के पैसों को बैंक में जमा करने का फैसला कर मिसाल पेश किया।

बच्चों ने अपने मम्मी-पापा को अपने फैसले की जानकारी देते हुए गुल्लक में जमा पैसों को बैंक में जमा करने की इजाजत मांगी। अभिभावक भी इसके लिए खुशी-खुशी तैयार हो गए।

इसके बाद बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़ी तो उसमें 13 हजार पांच सौ रुपए निकले। बच्चे अपने माता-पिता के साथ रुपए लेकर इलाहाबाद बैंक पहुंचे और उसे जमा कराया। छात्रा राशि श्यामसुखा और छात्र मौलिक श्यामसुखा ने कहा कि 13 हजार पांच सौ रुपए बहुत ज्यादा नहीं हैं मगर कुछ लोेगों की परेशानी तो इससे कम होगी। जब बच्चों से सवाल हुआ कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं तब उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बारे में हम लोग बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं, मगर इतना तो पता है कि जो लोग गलत तरीके से और गरीबों को लूटकर धन इकठ्ठा किए हुए हैं उनके खिलाफ प्रधानमंत्री का यह कदम बहुत ही अच्छा है।

बच्चों की मां प्रतिभा श्यामसुखा और पिता राजेश श्यामसुखा ने बताया कि इस उम्र में बच्चों में देशप्रेम की भावना से वह लोग प्रभावित हैं। इसीलिए हमने उनकी भावना का ख्याल रखते हुए तुरंत गुल्लक तोड़कर उन्हें बैंक लेकर गए।

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