अस्थायी मंदी को भविष्य के आइने में बेहतर देखने वाले लोग अब डेबिट और क्रेडिट कार्ड के अलावा ई बैंकिंग, पेटीएम से ट्रांजेक्शन न केवल स्वयं करने लगे हैं बल्कि दूसरों को भी कैशलेस लेनदेन के तरीके और लाभ समझा रहे हैं। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए बिहार में पटना के तीन इलाके पूरी तरह कैशलेस बनाए जाएंगे। इन गांवों व टोले में लोग पूरी तरह कैशलेस खरीदारी और दूसरे काम कर सकेंगे। बैंक ऑफ बडौदा की ओर से बिहार में पहली बार पटना जिले में इस तरह की पहल शुरू की गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा के पटना क्षेत्र के उप महाप्रबंधक विभूति कुमार सिन्हा ने बताया कि 15 दिसंबर तक पटना के तीनों गांव / टोले पूरी तरह डिजिटल एवं वित्तीय साक्षर हो सकेंगे। शुक्रवार को कुर्जी स्थित बिंद टोली में एक साथ तीन गांवों के कैशलेस बनाने का उद्घाटन किया जाएगा। बैक के अधिकारी यहीं से सुबह 11 बजे तीनों जगह एक साथ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इसका उद्घाटन करेंगे। कुर्जी के बिंद टोली, मनेर में बस्ती और बिहटा के पटसा गांव को बैंक कैशलेस बनाएगा। तीनों गांवों को कैशलेस बनाने का काम बैंक के तीन ब्रांच करेंगे। कुर्जी, मनेर व बिहटा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा इन गांवों में लोगों को र्बैंंकग सुविधा के हिसाब से नकदीविहीन बनाएगा। मिली जानकारी के अनुसार 15 से तक तीनों बैंक गांवों को पूर्ण रूप से कैशलेस बनाने दिसम्बर का लक्ष्य तय किया गया है। बैंक के सहयोग से इन तीनों जगहों के लोग विभिन्न र्बैंंकग सुविधाओं जैसे आधार र्सींडग, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना एवं सामाजिक सुरक्षा, मुद्रा योजना से लाभन्वित हो सकेंगे।
ऐसे बनाएंगे कैशलेस
तीनों जगहों पर लोगों को डेबिट कार्ड, मोबाइल र्बैंंकग, मोबाइल वॉलेट, इंटरनेट बैकिंग एवं कैशलेस संबंधित विभिन्न प्लान के बारे में बताया जाएगा। यही नहीं, कुर्जी में बैंक की ओर से दो तीन दिनों में 350 से अधिक लोगों के बैंक खाते खोल दिए गए हैं। यहां बाकी बचे करीब 100 लोगों के बैंक खाते भी जल्द खोलकर कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी दी जाएगी।
बिहार में पहली बार किसी बैंक द्वारा ऐसी पहल हुई है। इससे पहले ऐसा प्रयोग गुजरात व पुणे की एक शाखा ने किया है। पटना के तीन गांवों के अलावा बिहार में जल्द ही आठ अन्य इलाके को कैशलेस बनाए जाने की योजना है। -विभूति कुमार सिन्हा, उपमहाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा
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