काला धन पर लगाम लगाने की नीति के तहत एक के बाद एक घोषणाएं कर रही नरेंद्र मोदी सरकार ने अब रुपये के बाद सोने पर सख्ती दिखाई है। 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान होने के बाद बड़ी मात्रा में सोने की खरीद-बिक्री की खबरें आने के मद्देनजर यह ऐलान किया गया है।
गुरुवार (1 दिसंबर) को वित्त मंत्रालय की ओर से की गई घोषणा के मुताबिक, प्रत्येक शादीशुदा महिलाओं के पास 500 ग्राम तक के सोने पर कोई हिसाब नहीं मांगा जाएगा और उनके पास इतना सोना होने पर कोई पूछताछ नहीं होगी। विवाहित महिला का 500 ग्राम तक का सोना जब्त नहीं होगा। वहीं अविवाहित लड़कियां 250 ग्राम सोना रखने पर आयकर जांच से बाहर रहेंगी। वहीं एक घर में 100 ग्राम तक के पुरुषों के गहने मिलने पर कोई हिसाब नहीं मांगा जाएगा। घर में रखे सोने पुश्तैनी गहनों और सोने पर भी टैक्स नहीं लगेगा। आपके पास इसका हिसाब होगा तो आयकर विभाग की छापेमारी में छूट मिल जाएगी। ब्रांडेड और अनब्रांडेड सिक्कों पर भी 12.5 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान हुआ है और कानूनी तरीके से पुरखों से मिला सोना साबित करने पर भी टैक्स नहीं लगेगा।
अपनी आय के हिसाब से सोना रखने पर आपके लिए कोई खतरा नहीं है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आपकी घोषित आय और घरेलू बचत से खरीदे गोल्ड या ज्वैलरी टैक्स के दायरे में नहीं आएंगे।
आपको बिलकुल डरने की जरूरत नहीं है कि आपके घर में रखे सोन पर सरकार की नजर है। ये नियम केवल उन लोगों के लिए हैं जिनके यहां आयकर का छापा पड़ सकता है। आयकर का छापा पड़ने पर सोने की तय लिमिट से ज्यादा सोना पाए जाने पर ही आपसे पूछताछ होगी। अगर सोने की मात्रा ज्यादा पाई जाती है लेकिन आपके पास उसका हिसाब है तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। इसके साथ-साथ लोगों की आय के हिसाब से सोना रखने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। आयकर के छापों में इससे ज्यादा अगर किसी के पास सोना मिलता है तो वो जब्त कर लिया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जिन लोगों ने अपनी घोषित आय या बचत से सोने के गहने खरीदे हैं उन्हें भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद करने के लिए लोग सोना खरीद रहे थे। ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए ही मोदी सरकार ने ये नया फैसला लिया है।लेबल: हिंदी समाचार, Central Government, Gold, Government, India