बिहार की बेटी ने देश को दिलाया मेडल, पिता ने खेत बेच कर बनाया था खिलाड़ी

बिहार में प्रतिभावानों की कमी नही है, बिहार के युवा हर जगह अपना परचम अपने कार्यो की बदौलत लहराते रहे हैं। इसी कड़ी में 7 वें एशियन अंडर 18 गर्ल्स रग्बी चैंपियनशीप में भारत ने पहली बार कांस्य पदक जीता है। भारत को पदक दिलाने में बिहार के नालंदा की बेटी श्वेता शाही का भी अहम योगदान रहा है।

चैंपियनशीप में भारत को पहली बार कांस्य पदक हासिल हुआ है। खिलाड़ी श्वेता शाही के घर लौटने पर गांव वालों ने उनका भव्य स्वागत किया। श्वेता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है बल्कि उनके पिता ने अपनी जमीन बेच कर खेल के क्षेत्र में आगे बढाया।

सरकार से आर्थिक सहायता नहीं मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा की भदारी निवासी श्वेता शाही ने विदेशी धरती पर अपने राज्य का नाम रौशन किया।

दुबई में आयोजित सेवेंथ एशियन अंडर 18 गर्ल्स रग्बी की टीम ने कांस्य पदक जीत कर देश के साथ-साथ बिहार का मान बढ़ाया है। 30 नवंबर से 02 दिसंबर तक आयोजित इस टूर्नामेंट में श्रीलंका, उजबेकिस्तान, काजकिस्तान, हांगकांग, यूएई, चाइना, पाकिस्तान एवं भारत ने भाग लिया था।

श्वेता की इस उपलब्धि से जिले के लोगों में काफी उत्साह है। श्वेता नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के भदारी गांव की रहने वाली है। गांव में खेल का मैदान नहीं है, इसके बाबजूद जोश और मेहनत से लबरेज श्वेता ने अपना खेल खेतों से शुरू किया था।

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